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गर्भे॒ नु सन्नन्वे॑षामवेदम॒हं दे॒वानां॒ जनि॑मानि॒ विश्वा॑। श॒तं मा॒ पुर॒ आय॑सीररक्ष॒न्नध॑ श्ये॒नो ज॒वसा॒ निर॑दीयम् ॥१॥

English Transliteration

garbhe nu sann anv eṣām avedam ahaṁ devānāṁ janimāni viśvā | śatam mā pura āyasīr arakṣann adha śyeno javasā nir adīyam ||

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Pad Path

गर्भे॑। नु। सन्। अनु॑। ए॒षा॒म्। अ॒वे॒द॒म्। अ॒हम्। दे॒वाना॑म्। जनि॑मानि। विश्वा॑। श॒तम्। मा॒। पुरः॑। आय॑सीः। अ॒र॒क्ष॒न्। अध॑। श्ये॒नः। ज॒वसा॑। निः। अ॒दी॒य॒म् ॥१॥

Rigveda » Mandal:4» Sukta:27» Mantra:1 | Ashtak:3» Adhyay:6» Varga:16» Mantra:1 | Mandal:4» Anuvak:3» Mantra:1


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SWAMI DAYANAND SARSWATI

अब पाँच ऋचावाले सत्ताईसवें सूक्त का प्रारम्भ है, उसके प्रथम मन्त्र में जीव के गुणों को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे मनुष्यो ! जैसे (अहम्) मैं विद्वान् (गर्भे) गर्भ में (सन्) वर्त्तमान (एषाम्) इन (देवानाम्) श्रेष्ठ पृथिवी आदि पदार्थ वा विद्वानों के (विश्वा) सम्पूर्ण (जनिमानि) जन्मों को (अनु, अवेदम्) अनुकूल जानता हूँ जिस (मा) मुझको (आयसीः) सुवर्णवाली वा लोहवाली (शतम्) सौ (पुरः) नगरी (अरक्षन्) रक्षा करती हैं (अध) इसके अनन्तर सो मैं (श्येनः) वाज पक्षी के सदृश इस शरीर से (जवसा) वेग के साथ (नु) शीघ्र (निः) अत्यन्त (अदीयम्) निकलूँ ॥१॥
Connotation: - मनुष्यों को चाहिये कि सदा सृष्टिविद्या बोध और जन्म-मरण की शरीर सम्बन्धिनी विद्या जानें, जिससे सदैव निर्भयता वर्त्ते ॥१॥
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SWAMI DAYANAND SARSWATI

अथ जीवगुणानाह ॥

Anvay:

हे मनुष्या ! यथाऽहं गर्भे सन्नेषां देवानां विश्वा जनिमान्यन्ववेदं यं मा आयसीः शतं पुरोऽरक्षन्नध सोऽहं श्येन इवाऽस्माच्छरीराज्जवसा नु निरदीयम् ॥१॥

Word-Meaning: - (गर्भे) (नु) सद्यः (सन्) (अनु) पश्चात् (एषाम्) (अवेदम्) विजानामि (अहम्) विद्वान् (देवानाम्) दिव्यानां पृथिव्यादीनां पदार्थानां विदुषां वा (जनिमानि) जन्मानि (विश्वा) सर्वाणि (शतम्) (मा) माम् (पुरः) नगर्य्यः (आयसीः) सुवर्णमयीर्लोहमयीर्वा (अरक्षन्) रक्षन्ति (अध) अथ (श्येनः) (जवसा) वेगेन (निः) नितराम् (अदीयम्) निःसरेयम् ॥१॥
Connotation: - मनुष्यैस्सदा सृष्टिविद्याबोधस्य जन्ममरणयोः शारीरिकी च विद्या विज्ञेया, यतो सदैव निर्भयता वर्त्तेत ॥१॥
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MATA SAVITA JOSHI

या सूक्तात जीवाच्या गुणांचे वर्णन असल्यामुळे या सूक्ताच्या अर्थाची या पूर्वीच्या सूक्ताच्या अर्थाबरोबर संगती जाणावी.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - माणसांनी सदैव सृष्टिविद्येचा बोध व जन्म-मृत्यूची शरीरासंबंधी विद्या जाणावी. त्यासाठी सदैव निर्भयतेने वागावे. ॥ १ ॥