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वि॒द्युद्र॑था म॒रुत॑ ऋष्टि॒मन्तो॑ दि॒वो मर्या॑ ऋ॒तजा॑ता अ॒यासः॑। सर॑स्वती शृणवन्य॒ज्ञिया॑सो॒ धाता॑ र॒यिं स॒हवी॑रं तुरासः॥

English Transliteration

vidyudrathā maruta ṛṣṭimanto divo maryā ṛtajātā ayāsaḥ | sarasvatī śṛṇavan yajñiyāso dhātā rayiṁ sahavīraṁ turāsaḥ ||

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Pad Path

वि॒द्युत्ऽर॑थाः। म॒रुतः॑। ऋ॒ष्टि॒ऽमन्तः॑। दि॒वः। मर्याः॑। ऋ॒तऽजा॑ताः। अ॒यासः॑। सर॑स्वती। शृ॒ण॒व॒न्। य॒ज्ञिया॑सः। धात॑। र॒यिम्। स॒हऽवी॑रम्। तु॒रा॒सः॒॥

Rigveda » Mandal:3» Sukta:54» Mantra:13 | Ashtak:3» Adhyay:3» Varga:26» Mantra:3 | Mandal:3» Anuvak:5» Mantra:13


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SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं।

Word-Meaning: - (सरस्वती) विद्यायुक्त स्त्री जिस (सहवीरम्) वीर पुरुषों के सहित वर्त्तमान (रयिम्) धन को (विद्युद्रथाः) बिजुली से युक्त हैं वाहन जिनके वे (मरुतः) मरण धर्मवाले (ऋष्टिमन्तः) बहुत गतियों से युक्त (दिवस्य) कामना करते हुए के सम्बन्धी (मर्य्याः) मनुष्य (ऋतजाताः) सत्य से प्रसिद्ध (अयासः) विद्याओं को प्राप्त (यज्ञियासः) शिल्प व्यवहार के करनेवाले (तुरासः) शीघ्रकर्त्ता विद्वान् लोग (शृणवत्) सुनो और (धात) धारण करो, वैसे इसको सुने और धारण करे ॥१३॥
Connotation: - जैसे पुरुष लोग विद्या का अभ्यास करें, वैसे ही स्त्रियाँ भी करके लक्ष्मीयुक्त हों। दोनों स्त्री और पुरुष आलस्य का त्याग करके शिल्पविषयक संपूर्ण कर्मों को सिद्ध करो ॥१३॥
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SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह।

Anvay:

सरस्वती विदुषी स्त्री यं सहवीरं रयिं विद्युद्रथा मरुत ऋष्टिमन्तो दिवो मर्य्या ऋतजाता अयासो यज्ञियासस्तुरासो विद्वांसः शृणवन् धात तथैतं शृणुयाद्दध्याच्च ॥१३॥

Word-Meaning: - (विद्युद्रथाः) विद्युद्युक्ता रथा यानानि येषान्ते (मरुतः) मरणधर्माणः (ऋष्टिमन्तः) बह्व्य ऋष्टयो गतयो विद्यन्ते येषान्ते (दिवः) कामयमानस्य (मर्याः) मनुष्याः (ऋतजाताः) ऋतेन सत्येन प्रसिद्धाः (अयासः) प्राप्तविद्याः (सरस्वती) सकलविद्यायुक्ता वाणी (शृणवन्) शृण्वन्तु (यज्ञियासः) शिल्पव्यवहारकर्त्तारः (धात)। अत्र द्व्यचोऽतस्तिङ इति दीर्घः। (रयिम्) धनम् (सहवीरम्) वीरैः सह वर्त्तमानम् (तुरासः) सद्यः कर्त्तारः ॥१३॥
Connotation: - यथा पुरुषा विद्याभ्यासं कुर्य्युस्तथैव स्त्रियोऽपि कृत्वा श्रीमत्यो भवन्तु उभये आलस्यं विहाय शिल्पविषयाणि सर्वाणि कर्माणि साध्नुवन्तु ॥१३॥
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MATA SAVITA JOSHI

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Connotation: - जसे पुरुष विद्येचा अभ्यास करतात तसाच स्त्रियांनीही करावा व श्रीमंत व्हावे. स्त्री-पुरुष दोघांनीही आळस सोडून शिल्पविषयक संपूर्ण कर्म सिद्ध करावे. ॥ १३ ॥