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ती॒व्रो वो॒ मधु॑माँ अ॒यं शु॒नहो॑त्रेषु मत्स॒रः। ए॒तं पि॑बत॒ काम्य॑म्॥

English Transliteration

tīvro vo madhumām̐ ayaṁ śunahotreṣu matsaraḥ | etam pibata kāmyam ||

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Pad Path

ती॒व्रः। वः॒। मधु॑ऽमान्। अ॒यम्। शु॒नऽहो॑त्रेषु। म॒त्स॒रः। ए॒तम्। पि॒ब॒त॒। काम्य॑म्॥

Rigveda » Mandal:2» Sukta:41» Mantra:14 | Ashtak:2» Adhyay:8» Varga:9» Mantra:4 | Mandal:2» Anuvak:4» Mantra:14


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SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को कहते हैं।

Word-Meaning: - हे सब विद्वानो ! जो (वः) तुम्हारा (अयम्) यह (शुनहोत्रेषु) विद्वान् वृद्धों के दानों में (तीव्रः) तीक्ष्ण (मधुमान्) विज्ञानसम्बन्धी (मत्सरः) आनन्द है (एतम्) इस (काम्यम्) मनोहर रस को तुम (पिबत) पिओ ॥१४॥
Connotation: - जो विज्ञान वृद्धों की सेवा करते हैं, वे तीव्रबुद्धि हुए विद्वान् होते हैं ॥१४॥
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SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह।

Anvay:

हे विश्वेदेवा यो वोऽयं शुनहोत्रेषु तीव्रो मधुमान् मत्सरोऽस्ति एतं काम्यं यूयं पिबत ॥१४॥

Word-Meaning: - (तीव्रः) तीक्ष्णः (वः) युष्माकम् (मधुमान्) विज्ञानसम्बन्धी (अयम्) (शुनहोत्रेषु) शुनानां विज्ञानवृद्धानां होत्रेषु दानेषु (मत्सरः) आनन्दः (एतम्) (पिबत) (काम्यम्) कमनीयं रसम् ॥१४॥
Connotation: - ये विज्ञानवृद्धान् सेवन्ते ते तीव्रबुद्धयस्सन्तो विद्वाँसो जायन्ते ॥१४॥
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MATA SAVITA JOSHI

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Connotation: - जे विज्ञानाने वृद्ध असतील अशा लोकांची जे सेवा करतात ते तीव्र बुद्धियुक्त होऊन विद्वान बनतात. ॥ १४ ॥