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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी
गृहआश्रम का उपदेश।
पदार्थान्वयभाषाः - (बृहस्पतिना)बृहस्पति....। (यत्) जो (पयः) विज्ञान (गोषु) विद्वानों में (प्रविष्टम्)प्रविष्ट है, (तेन) उससे.... [मन्त्र ५३] ॥५७॥
भावार्थभाषाः - मन्त्र ५३ के समान है॥५७॥
टिप्पणी: ५७−(पयः) पय गतौ-असुन्। विज्ञानम्। अन्यद् गतम् ॥
